बाबू जगजीवनराम नेशनल फाउंडेशन की ओर से सावित्री बाई फुले की पुण्यतिथि मनाई
चिड़ावा । झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
केंद्रीय सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता मंत्रालय के बाबू जगजीवनराम नेशनल फाउंडेशन के तत्वावधान में मंगलवार को महान समाज सुधारक सावित्री बाई फुले की पुण्यतिथि चिड़ावा कॉलेज परिसर में मनाई गई। जिला पर्यावरण सुधार समिति के बैनर तले हुए इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व सांसद एवं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रभारी संतोष अहलावत थी। कार्यक्रम में संतोष अहलावत ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्री बाई फुले ने समाज में शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की अलख जगाई। उन्होंने कहा कि सावित्री बाई का जीवन त्याग, संघर्ष और समाज सेवा का प्रतीक है।
युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर शिक्षा और समाज सेवा के कार्यों में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से मोबाइल से दूरी बनाकर समय का सदुपयोग करने और समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्य ऋचा कुलश्रेष्ठ ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक डॉ. पवन पूनियां, जिला जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह, वर्षा सोमरा, गायत्री और मंजू कुलहरि मौजूद रहे। इस अवसर पर बाबू जगजीवनराम के नाम पर संचालित बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्था के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में बताया कि फाउंडेशन का उद्देश्य समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक न्याय से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम से पहले आयोजित निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को सम्मानित किया गया। महाविद्यालय की छात्राओं ने सावित्री बाई फुले के जीवन पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार प्रभुरशरण तिवाड़ी, डॉ. शंभू पंवार, मनोज शर्मा, महेश आजाद, निर्मला शर्मा, पूनम जांगिड़, पूनम नूनियां, गुड्डी सोमरा, अभिषेक मुरारका सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा नाटक मंचन के माध्यम से सावित्री बाई फुले के जीवन और उनके संघर्षों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने काफी सराहा।













