अधिकारियों को तीन घंटे तक कार्यालय में बंधक बनाया, एसडीएम से वार्ता के बाद दो माह में भुगतान के लिखित आश्वासन पर मामला शांत
हनुमानगढ़। हिमांशु मिढ्ढा
अटल भू-जल योजना के तहत निर्मित सिंचाई डिग्गियों की अनुदान राशि लंबे समय से लंबित होने से नाराज किसानों ने गुरुवार को कृषि विभाग कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। भ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने कृषि विभाग पहुंचकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें कार्यालय के अंदर ही बंधक बना लिया। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी (एसडीएम) मांगीलाल सुथार के साथ वार्ता हुई, जिसमें दो माह के भीतर भुगतान करने का लिखित आश्वासन मिलने पर किसानों ने आंदोलन समाप्त किया।इससे पहले जंक्शन स्थित किसान विश्राम गृह में भारतीय किसान युनियन की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका ने बताया कि अटल भू-जल योजना के तहत किसानों से खेतों में सिंचाई के लिए डिग्गियों का निर्माण करवाया गया था उस पर प्रशासन की ओर से उसके बाद कोई ठोस कदम नही उठाया लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद किसानों को भुगतान नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि अधिकांश किसानों ने डिग्गी निर्माण के लिए करीब तीन लाख रुपये तक की राशि उधार लेकर खर्च की थी। एक साल से अधिक समय तक भुगतान नहीं मिलने के कारण किसानों को उस राशि पर भारी ब्याज चुकाना पड़ रहा है। कई किसानों पर 70 हजार से एक लाख रुपये तक का अतिरिक्त ब्याज भार पड़ चुका है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है।किसानों ने यह भी बताया कि डिग्गी निर्माण के दौरान उन्हें अपनी खड़ी फसलों को नष्ट करना पड़ा। खुदाई से निकली मिट्टी खेतों में डालने से करीब दो बीघा तक की फसल खराब हो गई, जिससे प्रति किसान लगभग 70 हजार से एक लाख रुपये तक का नुकसान हुआ। इसके बावजूद किसानों ने योजना के तहत काम पूरा किया, लेकिन अनुदान राशि नहीं मिलने से उनमें भारी नाराजगी है।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री का जहाज हनुमानगढ मे नही उतरने दिया जाएगा आंदोलन और तेज किया जाएगा।
स्थिति को गंभीर होता देख प्रशासन को मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद उपखंड अधिकारी मांगीलाल सुथार मौके पर पहुंचे और किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की।वार्ता के दौरान प्रशासन की ओर से किसानों को लिखित रूप में आश्वासन दिया गया कि दो माह के भीतर डिग्गियों की अनुदान राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। इसके बाद किसान नेताओं ने प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की।














