महिलाओं की विशेष भागीदारी, संत गुलाबनाथ जी महाराज के सानिध्य में लोकगीतों व जैविक खानपान ने बांधा समां
चूरू। निकटवर्ती गांव घंटेल स्थित त्रिनेत्र योग धाम में होली के अवसर पर बसंतोत्सव 2026 का भव्य आगाज किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर धमाल और लोकगीतों का भरपूर आनंद उठाया। आयोजन में लोक संस्कृति के रंगों के साथ पारिवारिक समरसता का संदेश भी दिया गया।डॉ मनोज योगाचार्य ने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं की विशेष उपस्थिति रही। योग प्रशिक्षिका विनीता शर्मा के नेतृत्व में महिलाओं ने चंग की थाप पर लय-ताल के साथ नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया। संत गुलाबनाथ जी महाराज का सानिध्य कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहा। उनके द्वारा प्रस्तुत किया गया भजन “सुवटियों” श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर गया।श्री श्याम ढप मंडली, चूरू के मुख्य गायक राजेंद्र चौबे, महेश हारीत, पंकज ओझा, निरंजन सेन, सौरभ ओझा, हरीश हारीत और डूंगर खटीक ने लोकगीतों और धमाल की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही मुनीम जी की ढाणी, घंटेल, पित्तर जी की ढाणी और सोमासी के स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी कला से दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में ऑर्गेनिक सब्जियों और देसी तेल से बनी पकौड़ियों तथा बाजरे की राबड़ी के स्वाद की सभी ने सराहना की। इस माध्यम से जैविक खेती के प्रति भी लोगों को प्रेरित किया गया।डॉ मनोज योगाचार्य ने कहा कि होली का आयोजन पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान माना जाता रहा है, लेकिन अब मातृशक्ति को भी ऐसे आयोजनों में परिवार सहित भाग लेना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति को समझने का अवसर मिल सके। त्रिनेत्र योग धाम में इसी थीम पर निरंतर कार्यक्रम आयोजित कर लोक संस्कृति के संरक्षण और पारिवारिक समरसता को बढ़ावा दिया जा रहा है।












