डॉ. जुल्फिकार ने एक लाख कैलेंडर निशुल्क बांटने का लिया संकल्प
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले के अलसीसर और मलसीसर के कई सरकारी विभागों सहित पैसिफिक इंटरनेशनल विद्यालय मलसीसर के 274 छात्र-छात्राओं सहित क्षेत्रवासियों को स्वामी विवेकानंद पर आधारित पुस्तकें एवं वर्ष 2026 के विवेकानंद कैलेंडर निशुल्क वितरित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय निदेशक सुशील शर्मा, प्राचार्य इंदू शर्मा और भीमसर निवासी डॉ. जुल्फिकार ने छात्र-छात्राओं को स्वामी विवेकानंद और खेतड़ी राजा अजीत सिंह के ऐतिहासिक संबंधों की जानकारी देते हुए बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने जीवनकाल में तीन बार खेतड़ी आए थे। उनका नाम, पोशाक, पगड़ी शिकागो विश्वधर्म सम्मेलन सहित उनके जीवन की दर्जनों घटनाएं है। जो खेतड़ी से जुड़ी हुई है। खेतड़ी में देश का पांचवां और राजस्थान का पहला अजीत विवेक संग्रहालय स्थापित है जिसमें स्वामी विवेकानंद और राजा अजीत सिंह के 109 दिन की विशिष्ट घटनाओं को दर्शाया गया है।
शोध और लेखन में भी सक्रिय
डॉ. जुल्फिकार ने न केवल स्वामी विवेकानंद पर पीएचडी की। बल्कि उनके जीवन और विचारों पर पांच पुस्तकें लिखी है। वे वर्ष 2005 से 2009 के बीच किए गए अपने शोध को जीवन की दिशा बदलने वाला अनुभव बताते हैं। उनका कहना है कि स्वामी विवेकानंद के विचार किसी एक धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता, राष्ट्रनिर्माण और युवाशक्ति को दिशा देने वाले हैं। उन्होंने दावा किया है कि रामकृष्ण मिशन खेतड़ी पर पीएचडी करने वाले वे देश के पहले मुस्लिम युवा है।
75 हजार विवेकानंद कैलेंडर पहले ही वितरित
डॉ. जुल्फिकार ने बताया कि वे पिछले सात वर्षों से स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेशों वाले कैलेंडर निशुल्क वितरित कर रहे हैं। अब तक 75 हजार कैलेंडर दिल्ली सहित राजस्थान के अलवर जयपुर, बीकानेर, सीकर, चूरू, हनुमानगढ़, झुंझुनूं सहित कई जिलों के राजकीय-गैर राजकीय विद्यालयों, मदरसों, वेद विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में वितरित किए जा चुके हैं। वे स्वयं झुंझुनूं जिले के आस-पास टमकोर, जाबासर, अलसीसर, मलसीसर, धंधूरी, क्यामसर, चैनपुरा, लादूसर, कोलिंडा, भीमसर, नूआं, सिरियासर, आबूसर, अणगासर सहित अनेक गांवों में पहुंचकर युवाओं से संवाद करते हैं। उनके हाथ में किताबें होती है और जुबान पर केवल प्रेरणा। उनका लक्ष्य एक लाख युवाओं तक स्वामी विवेकानंद के विचार को पहुंचाना है। विवेकानंद कैलेंडर 2026 सभी धर्मों के प्रति सम्मान आदर, प्रेम और सहिष्णुता का संदेश देता है तथा एकता और भाईचारे को बढ़ावा देता है।
2020 से शुरू हुआ अभियान
राष्ट्रीय युवा दिवस 2020 पर स्वामी विवेकानंद की 158वीं जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित आरएसएस मुख्यालय केशव कुंज झंडेवालान में विवेकानंद कैलेंडर का विमोचन किया गया था। तब से यह अभियान लगातार जारी है। इस अवसर पर आरएसएस के वरिष्ठ स्वयंसेवक एवं थिंक टैंक डॉ. इन्द्रेश कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रचारक मौजूद रहे। तभी से यह कैलेंडर लगातार निशुल्क वितरित किए जा रहे हैं।
तीन देशों के मठों में पर किया अध्ययन
डॉ. जुल्फिकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रोजेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय सेमीनारों के तहत बांग्लादेश, श्रीलंका और सिंगापुर की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन देशों के रामकृष्ण मठों व मिशन संस्थाओं में रहकर अध्ययन करने वाले पहले भारतीय मुस्लिम प्रोफेसर हैं। उन्होंने देश के सबसे प्रसिद्ध वेलूर मठ सहित 50 से अधिक रामकृष्ण मठों और मिशन संस्थाओं में रहकर स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण मिशन के सामाजिक कार्यों का गहन अध्ययन किया।
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