झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय आह्वान पर 21 सूत्री मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री, एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा गया। जिलाध्यक्ष राजेश किरोड़ीवाल एवं जिला मंत्री संदीप धाभाई ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मजदूरों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। अन्यथा संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शन में रामगोपाल शर्मा, देवकरण सैनी, दुर्गपाल सिंह, भंवर सिंह शेखावत, मूलचंद महला, कृष्णा कंवर, सुनील शर्मा, राम सिंह, सुभाषचंद्र, प्रमोद गुर्जर, संदीप महला, संजय कुमार, मुकेश, रिछपाल सैनी, सुनील कुमार, वीरेंद्र सिंह, शैलेश, श्रीराम, राजेश कुमार, रघुवीर, कमल किशोर, मोहिनी, पूनम, प्रमोद, मुकेश कुमार पांडे, सज्जन सिहाग, सुभाष सैनी, विजय कुमार एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी सहायिका, आशा सहयोगिनी एवं मिड डे मील वर्कर्स का मानदेय बढ़ाने, भाजपा के संकल्प पत्र के अनुसार तीन लाख ग्रेच्युटी देने, रोडवेज विभाग में वेतन एवं पेंशन समय पर देने तथा नई बसों की खरीद करने, विद्युत विभाग में विभिन्न नामों से चल रही ठेका प्रथा बंद करने, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विभिन्न श्रेणियों में कल्याण बोर्ड का गठन करने, न्यूनतम मजदूरी केंद्र सरकार के समकक्ष 1 अक्टूबर 2024 से लागू करने, बैंकिंग सेक्टर में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, ईपीएस-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन 1000 रूपए से बढ़ाकर 8500 रूपए करने, ईपीएफ में अनिवार्य अंशदान सीमा 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 30 हजार रूपए करने, ईएसआईसी कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा 21 हजार रूपए से बढ़ाकर 42 हजार रूपए करने तथा बोनस की सीमा सात हजार रूपए से बढाकर 21 हजार रूपए करने एवं ठेका श्रमिकों को स्थायी करने जैसी मांग प्रमुख है। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
परिवहन विभाग के खिलाफ बस ऑपरेटर्स का प्रदर्शन
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