214 फर्जी खातों पर 8.78 करोड़ का हुआ था गबन, छह और गिरफ्तार
नवलगढ़ । झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
पंजाब नेशनल बैंक शाखा में हुए फर्जी गोल्ड लोन और गोल्ड चोरी के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में छह आरोपी और गिरफ्तार किए है। जिसके बाद मामले में अब गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ हो गई है। पुलिस पहले ही इस मामले में मुख्य आरोपी पूर्व बैंक मैनेजर व उसके साथी बैंक के ही एडहॉक सदस्य सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने मामले में अब तक आरोपियों के पास से 1 किलो 555 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद सोने की बाजार कीमत करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपये आंकी गई है। अब तक की जांच में सामने आया है कि जांच में सामने आया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित जांगिड़ ने बैंक में 214 फर्जी गोल्ड लोन खाते खोलकर करीब 8.78 करोड़ रुपए का गबन किया। आरोपी ने बैंक का एडहॉक सदस्य बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट संचालित करने वाले संतोष सैनी के साथ मिलकर फर्जी खातों के जरिए गोल्ड लोन स्वीकृत किए। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपी असली सोने के आभूषण स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर उनकी जगह नकली आभूषण रख दिए जाते थे और खाताधारकों के ओटीपी प्राप्त कर लोन राशि निकाल ली जाती थी। मुख्य आरोपी पूर्व बैंक मैनेजर अमित जांगिड पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसे पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है। संतोष सैनी को भी पुलिस ने पहले ही दबोच लिया था। अब पुलिस ने मामले में शामिल अन्य छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में गुढ़ागौड़जी थाना इलाके के डूडी नगर ढाणियां भोड़की निवासी 40 वर्षीय ओमप्रकाश पुत्र बीरबलराम जाट, नवलगढ़ थाना इलाके के कोलसिया निवासी 29 वर्षीय संदीप कुमार पुत्र जुगलकिशोर जाट, गुढ़ागौड़जी थाना इलाके के बड़ की ढाणी निवासी 32 वर्षीय सुनिल कुमार पुत्र अनूपचन्द जाट, नवलगढ़ थाना इलाके के ढाका की ढाणी निवासी 30 वर्षीय सुनिल सुण्डा पुत्र ताराचंद सुण्डा, नवलगढ़ थाना इलाके के बलजी की ढाणी निवासी 40 वर्षीय रमेश सैनी पुत्र मल्लाराम सैनी तथा ठाकुरवाली ढाणी सैनीनगर निवासी 32 वर्षीय धीरज सैनी पुत्र ओमप्रकाश सैनी शामिल हैं। आपको बता दें कि 1 फरवरी 2026 को पंजाब नेशनल बैंक नवलगढ़ शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश सिहाग ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 28 जनवरी 2026 को गोल्ड सेफ की जांच के दौरान कई पैकेटों से छेड़छाड़ और असली सोने की जगह नकली आभूषण मिलने का मामला सामने आया। बैंक में गोल्ड सेफ द्वि-नियंत्रण प्रणाली से संचालित होता है, जिसकी संयुक्त जिम्मेदारी तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित जांगिड और अन्य अधिकारी के पास थी। जिसके बाद एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में एएसपी देवेन्द्र सिंह राजावत, एएसपी क्यूआईडीटी फूलचंद मीणा तथा नवलगढ़ डीएसपी महावीर सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। डीएसटी और साइबर सेल की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों की संपत्तियों की जांच कर रही है। मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
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