डॉ. उदयपुरिया का कमाल, छुट्टी के दिन ही 60-70 सीढ़ियां स्वयं उतरकर आई सुलोचना देवी
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिला मुख्यालय स्थित भविष्या हॉस्पिटल में घुटना प्रत्यारोपण अब नियमित प्रक्रिया बन चुकी है। वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित उदयपुरिया एवं उनकी टीम आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ देखभाल के साथ लगातार सफल ऑपरेशन कर मरीजों को राहत प्रदान कर रही है। हाल ही में 75 वर्षीय सुलोचना देवी पत्नी पुरुषोत्तमलाल गुप्ता का सफल घुटना प्रत्यारोपण कर हॉस्पिटल ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। झुंझुनूं के हरिओम अपार्टमेंट निवासी प्रवीण गुप्ता की माता सुलोचना देवी पिछले दो से ढाई वर्षों से घुटनों के असहनीय दर्द से परेशान थी। परिजनों ने उन्हें दिल्ली, जयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकों को दिखाया और लंबे समय तक दवाइयां भी ली। लेकिन अपेक्षित आराम नहीं मिला। पिछले एक माह से उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी तथा चार कदम चलना भी मुश्किल हो गया था। एक परिचित मरीज की सलाह पर परिजन सुलोचना देवी को भविष्या हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉ. उदयपुरिया ने आश्वस्त किया कि घुटना प्रत्यारोपण सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया है। आठ फरवरी 2026 को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया और नौ फरवरी को सफल ऑपरेशन किया गया। बेहतर पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के चलते 13 फरवरी को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उल्लेखनीय है कि छुट्टी के समय उन्होंने हल्के से सहारे के साथ अस्पताल की लगभग 60-70 सीढ़ियां स्वयं उतरकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। अस्पताल टीम में डॉ. उदयपुरिया के साथ अविनाश, विजेंद्र सिंह सहित पूरी मेडिकल और नर्सिंग टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। समर्पित टीमवर्क और आधुनिक सुविधाओं के कारण मरीज को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिला। डॉ. उदयपुरिया ने बताया कि आधुनिक तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले इम्प्लांट और अनुभवी टीम के कारण अब घुटना प्रत्यारोपण तेजी से और सुरक्षित रूप से किया जा रहा है। अस्पताल में प्री-ऑपरेटिव जांच से लेकर ऑपरेशन और बाद की फिजियोथैरेपी तक संपूर्ण उपचार एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। साथ ही अस्पताल में राज्य सरकार की राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम योजना का लाभ भी पात्र मरीजों को दिया जा रहा है। जिससे आर्थिक रूप से भी राहत मिल रही है और महंगे ऑपरेशन सुलभ हो पा रहे हैं। स्वस्थ होने के बाद सुलोचना देवी ने डॉक्टर और पूरी टीम को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बुजूर्गों को फिर से चलने-फिरने लायक बनाना ईश्वर के बाद डॉक्टरों का ही कार्य है। परिजनों ने भी भविष्या हॉस्पिटल की सेवाओं और देखभाल की सराहना की।
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