नवलगढ़ । झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
कस्बे के विप्र मंडल के प्रयासों से कस्बे के निवासी और एनआरआई अंतरराष्ट्रीय चिकित्सक आस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. प्रवीण हिसारिया लंबे समय बाद अपने गृह क्षेत्र आ रहे है। वे यहां के लोगों से ना केवल मुलाकात कर विकास को लेकर चर्चा करेंगे। बल्कि अपने अनुभवों का फायदा देते हुए एक मेडिकल कैंप में छह घंटे तक रोगियों को परामर्श देंगे। विप्र मंडल के ओमप्रकाश सर्राफ ने बताया कि ने बताया कि डॉ. प्रवीण हिसारिया, मूल रूप से नवलगढ़ कस्बे के है। उनके पिता शशि कुमार हिसारिया भी जाने—माने समाजसेवी है। डॉ. प्रवीण हिसारिया अपने दादा स्व. सीताराम हिसारिया की स्मृति में निशुल्क चिकित्सा शिविर में अपनी सेवाएं देंगे। यह शिविर 11 फरवरी बुधवार को सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक नवलगढ़ कस्बे के बावड़ी गेट के समीप विप्र मंडल परिसर में होगा। उन्होंने बताया कि डॉ. प्रवीण हिसारिया आस्ट्रेलिया के प्रमुख सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक रॉयल एडिलेड हॉस्पिटल में क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी विभाग के हैड है। ऑटोइम्यून, एलर्जी और इम्यून जैसी बीमारियों के अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्पेशलिस्ट है। इस शिविर में डॉ. हिसारिया के साथ निर्मल हेल्थ केयर जयपुर के क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी स्पेशलिस्ट डॉ. बनवारी शर्मा तथा एसएमएस जयपुर के क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी के स्पेशलिस्ट डॉ. अविनाश जैन भी अपनी सेवाएं देंगे।
इन रोगियों से कैंप में पहुंचने की अपील
इस कैंप में गठिया, संधिवात, एलर्जी, प्रतिरक्षा संबंधी रोगियों के अलावा हर जोड़ के दर्द का परामर्श दिया जाएगा। कैंप में बच्चों से लेकर बड़े, जो भी इन बीमारियों से ग्रसित है। वो आ सकेंगे। शिविर में आने से पहले रजिस्ट्रेशन अनिर्वाय होगा। जिसके लिए मोबाइल नंबर 7976238316 तथा 9887920362 नंबरों को जारी किया गया है। कैंप में आवश्यकता होने पर सभी दवाइयां, रक्त जांच और एक्सरे की सुविधा भी फ्री होगी। सभी रोगियों से यह भी आग्रह किया गया है कि यदि वे पूर्व से बीमारी से संबंधी इलाज ले रहे है। तो रिपोर्ट साथ लेकर आएं। इस कैंप का संपूर्ण आयोजन शशिकुमार हिसारिया और उनके परिवार के द्वारा किया जा रहा है। जिसमें हिसारिया परिवार के इस जनापयोगी आयोजन में विप्र मंडल व अन्य संस्थाएं सहयोगी के रूप में कार्य कर रही है।
कैंप में जांची जाने वाली बीमारियों के बारे में
कैंप में जिन बीमारियों की जांच होनी है या फिर परामर्श दिया जाना है। उनमें सबसे महत्वपूर्ण है रूमेटोलॉजिकल से जुड़ी बीमारियां। ये बीमारियाँ जोड़ों, हड्डियों, मांसपेशियों और नसों के आसपास के हिस्सों को प्रभावित करती हैं। जैसे आम तौर पर गठिया, जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न, रूमेटाइड आर्थराइटिस, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही जोड़ों पर हमला करती है। एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस, रीढ़ की हड्डी में जकड़न और दर्द। गाउट, यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में तेज दर्द। इसके अलावा कैंपस में अऑटोइम्यून बीमारियों का इलाज किया जाएगा। जिससे शरीर की इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) गलती से अपने ही शरीर पर हमला करने लगती है। जैसे लुपस, त्वचा, जोड़ों, किडनी आदि पर असर। रूमेटाइड आर्थराइटिस, सोरायसिस, थायरॉइड की कुछ बीमारियां, एलर्जिक बीमारियां, एलर्जिक राइनाइटिस, अस्थमा, स्किन एलर्जी, फूड एलर्जी, जोड़ों की बीमारियां, ऑस्टियोआर्थराइटिस, घुटनों में सूजन आदि का इलाज किया जाएगा।
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