झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
राजस्थान आयुर्वेदिक नर्सिंग के विद्यार्थियों द्वारा ढूकिया हॉस्पिटल कैंपस में सर्वांगीण विकास और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत आयुर्वेदिक नर्सिंग प्राचार्य डॉ. विवेक सिहाग, समस्त शिक्षकों व छात्र-छात्राओं द्वारा प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति द्वारा च्यवनप्राश बनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और प्राकृतिक औषधियों के महत्व को समझाना रहा। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आंवला, दशमूल, घृत, शहद एवं विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों का उपयोग कर विधिवत तरीके से च्यवनप्राश बनाया। शिक्षकों ने च्यवनप्राश के औषधीय गुणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शारीरिक शक्ति एवं स्मरण शक्ति को सुदृढ़ करने में सहायक होता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आयुर्वेद के वैज्ञानिक आधार, संतुलित आहार एवं प्राकृतिक जीवनशैली के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्रों ने इस गतिविधि में बढ़-चढ़कर भाग लिया और इसे एक उपयोगी, ज्ञानवर्धक तथा प्रेरणादायक अनुभव बताया।
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