सनातन की अनदेखी पर उबाल: विप्र कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन नहीं हुआ तो होगा आंदोलन — महेश बसावतिया

0
17

अन्य समाजों को बोर्ड, विप्र समाज को उपेक्षा; सरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप

झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
राज्य सरकार द्वारा विप्र कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन में हो रही देरी को लेकर सियासी माहौल गर्मा गया है। विप्र सेना के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश बसावतिया ने सरकार पर सनातन संस्कृति एवं ब्राह्मण समाज की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही विप्र कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन नहीं किया गया, तो विप्र समाज को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
बसावतिया ने कहा कि ब्राह्मण समाज सनातन धर्म की रीढ़ है। वेद, पुराण, संस्कार, आयुर्वेद, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसी भारतीय ज्ञान परंपराओं को जीवित रखने वाला यह समाज आज स्वयं हाशिये पर खड़ा है, जो सरकार की नीतियों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार अन्य समाजों के कल्याण बोर्डों को सक्रिय कर रही है, वहीं दूसरी ओर विप्र समाज के बोर्ड को ठंडे बस्ते में डालकर भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अशोक गहलोत सरकार ने विप्र समाज की भावनाओं से खिलवाड़ किया और विप्र कल्याण बोर्ड को केवल नाम मात्र की संस्था बनाकर छोड़ दिया। न अधिकार दिए गए, न बजट और न ही समाज हित की योजनाएं लागू की गईं।
महेश बसावतिया ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि भाजपा सरकार को सत्ता में मिले जनादेश का सम्मान करते हुए विप्र कल्याण बोर्ड का तत्काल पुनर्गठन किया जाए और इसकी जिम्मेदारी किसी ऐसे निष्ठावान, अनुभवी और सनातन विचारधारा से जुड़े विप्र नेतृत्व को सौंपी जाए, जो समाज के अधिकारों की मजबूती से पैरवी कर सके।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि विप्र समाज अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर में जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी सरकार की होगी।

कलेक्टर अभिषेक सुराणा का कोतवाली थाने का औचक निरीक्षण, पुलिसिंग पर दिए निर्देश

चूरू–दुधवाखारा डबल रेल लाइन जल्द होगी शुरू, CRS निरीक्षण के बाद ट्रेनों को हरी झंडी

चूरू के दो भाइयों ने रचा इतिहास, कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4112 KM साइकिल यात्रा

महिला थाना में दिखी पुलिस की संवेदनशीलता, ASI ने घायल कबूतर की बचाई जान

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here