चूरू। साहस, जुनून, जोश, जज्बा और मन में कुछ कर गुजरने की ललक हो तो मंजिल अपने आप मिल जाती है। इसी कथन को सार्थक किया है, चूरू के ललित जांगिड़ और पलसाना के निखिल जांगिड़ ने। गौरतलब है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4112 किमी साइकिल यात्रा कर चूरू पहुंचने पर गुरूवार को शहरवासियों ने इन्द्रमणि पार्क में उनका भव्य अभिनंदन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक हरलाल सहारण थे। इस दौरान विधायक ने दोनों जाबांजों का माला पहनाकर व स्मृति चिह्न प्रदान कर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक सहारण ने कहा कि बर्फीले पहाड़ों से समंदर के तट तक का यह सफर केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि फिट इंडिया का एक जीवंत संदेश है। इन जाबांजों की इस उपलब्धि से देश के लाखों युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। अखिल भारतीय विश्वकर्मा छात्र व युवा संघ के राष्ट्रीय महासचिव बी.एन. राजोतिया ने बताया कि यह यात्रा 11 राज्यों से होकर गुजरी। इस दौरान युवाओं ने घने जंगलों, रेगिस्तान और दुर्गम पहाड़ियों का सामना किया। रात्री को जंगलों में टेंट लगाकर विश्राम कर हर बाधा को पार करते हुए लक्ष्य हासिल किया। कार्यक्रम के दौरान जब ललित और निखिल ने रास्ते की कठिनाइयों और अपने अनुभवों को साझा किया, तो उपस्थित जनसमूह रोमांचित हो उठा। बेटों की इस सफलता को देख पिता और भाई संजय जांगिड़ की आंखें नम हो गई। तारानगर के पूर्व भाजपा प्रत्याशी राकेश जांगिड़ ने भी दूरभाष के माध्यम से युवाओं को बधाई दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वकर्मा मंदिर प्रबंधक समिति के नरोत्तममल जांगिड़ ने की। इस अवसर पर भंवर लाल चोयल, चिरंजीलाल गहलोत, संदीप जांगिड़, अनिल खारिया, ओमप्रकाश खारिया सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन विनोद सैनी ने किया।
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