मंत्री जोराराम कुमावत व विधायक विक्रम सिंह जाखल ने की शिरकत
नवलगढ़/खिरोड़ ।ग्राम गोल्याणा में श्री शिव गौरा मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मूलचंद कारगवाल की अध्यक्षता में कुमावत समाज द्वारा एक विशाल भामाशाह सम्मान समारोह एवं भक्ति संध्या का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में 24 कोसी परिक्रमा के श्रद्धालुओं और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। यह आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने का एक अनूठा मंच बन गया। भक्ति रस से ओत-प्रोत वातावरण ने सभी उपस्थित लोगों की आत्मा को अद्भुत शांति और आनंद से भर दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन कुमावत समाज के दानदाताओं को सम्मानित करना था। जिन्होंने समाज के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन भामाशाहों को उनके निस्वार्थ भाव और सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार में केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष राज्य मंत्री प्रहलाद राय टांक, नवलगढ़ विधायक विक्रम सिंह जाखल और सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर, भाजपा जिला मंत्री महेंद्र चंदवा, रुपाणा धाम के महंत पवन पुजारी, डॉ. राजेन्द्र कुमावत चिराना, गजानंद कुमावत, मधु कुमावत, लोहार्गल सरपंच जगमोहन शेखावत, राधेश्याम काम्या, उद्योगपति राजेश जांगिड़, महावीर कुमावत हैदराबाद, सुभाष शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला मंत्री महेंद्र चन्दवा ने किया।
सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जोराराम ने संबोधित करते हुए कहा भगवान भोलेनाथ और माता गौरा से प्रार्थना की कि उनकी असीम कृपा सभी पर बनी रहे और प्रत्येक जीवन सुख, समृद्धि तथा खुशहाली से आलोकित हो। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में सद्भाव और एकजुटता की भावना को भी मजबूत करते हैं। केबिनेट मंत्री ने नवलगढ़ में बदराणा जोहड़ में मेला भरवाने की भी बात कही। यह कार्यक्रम गोल्याना गांव और पूरे झुंझुनूं जिले के लिए एक अविस्मरणीय आयोजन रहा, जिसने भक्ति, सम्मान और सामाजिक दायित्व का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
बदराना पशु मेले को लेकर मंत्री जोराराम कुमावत ने दिया बड़ा बयान
नवलगढ़ का बहुचर्चित बदराना पशु मेला एक बार फिर सुर्खियों में है। पशुपालन, गोपालन व डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मेले की जमीन को बचा लिया गया है और अब यह पूरी तरह आरक्षित है। मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी आया जब बदराना पशु मेले को बंद कर दिया गया था। इसके बाद मेले की जमीन को बेचने की कार्रवाई शुरू हो गई थी। नक्शा तक तैयार कर लिया गया था। जोराराम कुमावत ने बताया कि जैसे ही नवलगढ़ विधायक विक्रम सिंह जाखल को इसकी जानकारी मिली तो वे तुरंत इस फाइल को लेकर मेरे पास आए। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए जमीन बेचने की प्रक्रिया को रोका गया। मंत्री ने कहा कि आज बदराना जोहड़ की यह जमीन पशु मेले के लिए आरक्षित है। भविष्य में जब भी मेला भरेगा, तो इसी जमीन पर भरेगा। मंत्री के इस बयान के बाद एक बार फिर बदराना पशु मेले की जमीन को लेकर राजनीति तेज हो गई है।