चूरू। कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद सुबेदार हरफूल सिंह कुल्हरी की 27वीं पुण्यतिथि पर तिलोके का बास (बिरमी) में उनके स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम में शहीद परिवार के सदस्यों सहित वीरांगना सुगनी देवी, प्रवीण कुल्हरी, प्रदीप कुल्हरी, सरोज देवी, प्रियंका देवी, उम्मेद सिंह भाकर, प्रेम देवी, मोहर सिंह कालेर, कमलकांत भाकर, पंचायत समिति सदस्य किरोड़ी पायल, पंचायत समिति सदस्य रणबीर कस्वां, पूर्व सरपंच भगवान सिंह, पंचायत समिति सदस्य दिनेश झाझड़िया, ऋवण कुल्हरी, सतपाल कुल्हरी, रामप्रताप बुडानिया, महिपाल महला, विनोद झाझड़िया, शिशराम बुगालिया, सलीम सीगड़ी सहित बड़ी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया।सभा को संबोधित करते हुए उम्मेद सिंह भाकर ने कहा कि देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों का बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीद हरफूल सिंह कुल्हरी ने कारगिल युद्ध में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का अनुपम उदाहरण है।उन्होंने कहा कि जब कोई जवान देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात होता है, तब उसके साथ केवल उसका परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज की आशाएं और विश्वास भी जुड़े होते हैं। ऐसे वीर सपूतों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने “शहीद हरफूल सिंह अमर रहें” तथा “भारत माता की जय” के जयघोष लगाए। श्रद्धांजलि सभा में शहीद के त्याग, साहस और राष्ट्रसेवा को याद करते हुए उनके आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।वक्ताओं ने कहा कि वीर शहीदों की स्मृतियों को संजोकर रखना और उनके बलिदान का सम्मान करना समाज का नैतिक दायित्व है। शहीद हरफूल सिंह कुल्हरी की वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की गाथा सदैव अमर रहेगी।।
कारगिल वीर शहीद सुबेदार हरफूल सिंह कुल्हरी की 27वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित
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